पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और राज्य की ममता बनर्जी सरकार के बीच हालिया खींचतान का असर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी देखने को मिला. आयोजन स्थल पर जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री का आमना-सामना हुआ लेकिन कोई गर्मजोशी नहीं थी। ममता बनर्जी ने राज्यपाल की ओर बढ़ते ही उनका अभिवादन किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस प्रमुख (टीएमसी) की ओर से प्राकृतिक गर्मजोशी का स्पष्ट अभाव था।
राज्यपाल के करीब आने तक ममता अपनी कुर्सी से नहीं उठीं। देखने में आया कि एक समय मुख्यमंत्री ने मुंह मोड़ लिया तो धनखड़ उनसे कुछ कहते नजर आए। वहीं तस्वीरों के लिए पोज देते हुए ममता ने राज्यपाल से दूरी बनाकर राज्य विधानसभा के अध्यक्ष (अध्यक्ष) बिमान बनर्जी के पास खड़ी हो गईं, जिनसे एक दिन पहले धनखड़ की बहस हो गई थी.
राज्यपाल ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर विधानसभा परिसर में डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए न केवल अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की आलोचना की बल्कि राज्य के राजनीतिक हालात को भी भयावह बताया.
वहीं, राज्यपाल धनखड़ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर ने कहा कि उनके द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना बेहद अशिष्ट आचरण है. आपको बता दें कि धनखड़ और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा है.
तस्वीरें: घोड़ा ‘विराट’ हुआ सेवानिवृत्त, राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी प्यार से विदाई
यूपी चुनाव 2022: अमित शाह की जाट समाज के करीब 250 नेताओं से मुलाकात, जानिए क्या है ‘जाटलैंड’ का गणित?
,