भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक बड़ा मोड़ आ गया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने 27 नवंबर, 2024 को मुंबई के अपने कार्यालय में XEV 9S लॉन्च किया — भारत का पहला असली, जमीन से बना 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV। इसकी शुरुआती कीमत 19.95 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, और इसकी बुकिंग 14 जनवरी, 2026 से शुरू होगी। डिलीवरी 23 जनवरी, 2026 से। ये वाहन सिर्फ एक नया मॉडल नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों की जरूरतों को समझकर बनाया गया एक बड़ा दावा है।
इलेक्ट्रिक SUV का नया नियम: जगह, रेंज और टेक्नोलॉजी
एक इलेक्ट्रिक SUV में 7 सीटें तो होती हैं, लेकिन अक्सर तीसरी पंक्ति के लिए जगह नहीं होती, या बैटरी की वजह से रेंज जमीन पर आ जाती है। XEV 9S ने ये दोनों समस्याएं एक साथ हल की हैं। इसकी लंबाई 4,737 मिमी है, व्हीलबेस 2,762 मिमी — ये आकार भारत में अभी तक किसी भी इलेक्ट्रिक SUV से बड़ा है। फ्रंट और दूसरी पंक्ति के बीच 4,076 लीटर की आरामदायक जगह है। बूट स्पेस 500-527 लीटर है, और फ्रंट में 150 लीटर का फ्रंक (frunk) है — जो एक बड़े परिवार के लिए बहुत काम आएगा।
बैटरी के तीन विकल्प हैं: 59kWh, 70kWh और 79kWh। इनके साथ रेंज क्रमशः 400 किमी, 450 किमी और 500 किमी तक है। ये आंकड़े रियल-वर्ल्ड ड्राइविंग के हिसाब से दिए गए हैं, जो अभी तक किसी भारतीय EV में नहीं देखा गया। DC फास्ट चार्जिंग से 20 से 80 प्रतिशत तक की चार्जिंग सिर्फ 20 मिनट में हो जाती है — यानी एक चाय के ब्रेक के बीच में आपकी कार फिर से तैयार हो जाएगी।
इंटीरियर: एक अलग ही अनुभव
अंदर की बात करें तो ये एक लक्जरी लाइवरी है। ट्राई-स्क्रीन इंटरियर में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और पैसेंजर एंटरटेनमेंट डिस्प्ले है। 16-स्पीकर हारमन कार्डन साउंड सिस्टम डॉल्बी एटमॉस के साथ — ये आपको अपने घर के साउंड सिस्टम जैसा अनुभव देगा। पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइटिंग — ये सब एक साथ एक ऐसा अनुभव बनाते हैं जो पहले भारत में कभी नहीं देखा गया।
दूसरी पंक्ति की सीटें स्लाइड करती हैं, वेंटिलेटेड हैं, और इलेक्ट्रिक बॉस मोड के साथ आती हैं — जिससे बैकसीट पर बैठे बच्चे या बुजुर्ग आराम से आराम कर सकते हैं। अकाउस्टिक लैमिनेटेड ग्लास ने कैबिन को शांत बना दिया है। ये नहीं कि ये सब एक बाजार के लिए हैं — ये एक परिवार के लिए हैं।
सुरक्षा: लेवल 2+ ADAS के साथ भारत का सबसे सुरक्षित EV
महिंद्रा ने सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लिया है। सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग हैं, जबकि सबसे उच्च वेरिएंट (Pack Three) में कुल 7 एयरबैग हैं — जिसमें घुटने के लिए एयरबैग भी शामिल है। लेवल 2+ ADAS सिस्टम पांच रडार और एक विजन कैमरे के साथ काम करता है। इसमें रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, ऑटोनोमस एमरजेंसी स्टीयरिंग, ड्राइवर ड्रोसीनेस डिटेक्शन (DOMS), 360-डिग्री कैमरा, और सिक्योर360 प्रो — जो लाइव व्यू और रिकॉर्डिंग की सुविधा देता है — शामिल है।
ये सब केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि एक भावना है: हम आपके परिवार की जान बचाना चाहते हैं। ये भारतीय ड्राइवर्स के लिए एक बड़ा विश्वास है। क्योंकि भारत में अधिकांश इलेक्ट्रिक कारें अभी तक 5-सीटर हैं — जहां बड़े परिवारों को दो कारों की जरूरत पड़ती है। XEV 9S ने ये दर्द दूर कर दिया है।
विकल्प और कीमतें: कौन क्या खरीदे?
तीन वेरिएंट्स हैं: Pack One (19.95–21.95 लाख), Pack Two (अनुमानित 23–25 लाख), और Pack Three (27.35 लाख)। Pack One में बेसिक फीचर्स हैं — इस्फोक्स, ईएसपी, टायर प्रेशर मॉनिटर। Pack Three में आता है एयर प्यूरिफायर, ऑटो विंडस्क्रीन डिफॉगर, कॉर्नरिंग लैंप्स, फ्रंट फॉग लाइट्स, और वायरलेस चार्जिंग फॉर दूसरी पंक्ति। ये एक ऐसा विकल्प है जो निश्चित रूप से अमीर और टेक-सेंसिटिव परिवारों को आकर्षित करेगा।
क्या ये सब कीमत के बराबर है? जानकारों का कहना है कि हां। जब आप एक ऐसी कार खरीद रहे हैं जो आपके परिवार के लिए बनाई गई है, जिसमें आप दो बच्चों को बैठा सकते हैं, बड़े बाग बैग ले जा सकते हैं, और 500 किमी तक बिना चार्जिंग के घूम सकते हैं — तो ये एक निवेश है।
महिंद्रा का बड़ा बदलाव: INGLO प्लेटफॉर्म का जन्म
इस कार का असली जादू इसके प्लेटफॉर्म में है — महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड का अपना डिज़ाइन किया गया INGLO आर्किटेक्चर। ये उनका पहला वास्तविक इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म है। पहले वे डीजल-आधारित वाहनों को बदलकर इलेक्ट्रिक बनाते थे। अब वे जमीन से इलेक्ट्रिक बना रहे हैं। इससे बैटरी की जगह, वजन वितरण, और ड्राइविंग अनुभव में बड़ा फर्क आया है।
ये कार महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के इलेक्ट्रिक रोडमैप का एक बड़ा हिस्सा है। उनकी पिछली कोशिशें — जैसे eVerito और BE 6 — अच्छी थीं, लेकिन छोटी। XEV 9S उनका बड़ा दावा है। और ये दावा सफल हुआ।
बाजार पर क्या असर होगा?
जैसे कि JATO Dynamics India के डायरेक्टर मोहित गुप्ता कहते हैं, "महिंद्रा का फोकस 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV पर भारतीय EV बाजार में एक बड़ी खाली जगह को भर रहा है।" आज तक, हायुंदई आयोनिक 5, किया EV6, और टाटा के EV मॉडल्स सभी 5-सीटर हैं। अगर आप एक बड़े परिवार के हैं और इलेक्ट्रिक कार चाहते हैं — तो आपके पास अभी तक कोई विकल्प नहीं था। अब है।
भारत में EV बिक्री 2024-25 के पहले छमाही में 130% बढ़ी है — जैसा कि Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) ने बताया। ये निश्चित रूप से एक ट्रेंड है। अब महिंद्रा ने इस ट्रेंड को एक असली परिवार के लिए अनुकूलित कर दिया है।
अगला कदम: क्या होगा अगले 12 महीने में?
2026 की शुरुआत में डिलीवरी शुरू होगी। लेकिन अगले 6-8 महीनों में देखना ये होगा कि क्या टाटा या हायुंदई अपने 7-सीटर EV को लॉन्च करते हैं। अगर नहीं, तो महिंद्रा का एक अनूठा बाजार बन जाएगा। अगर हां, तो बाजार तेजी से बदल जाएगा।
एक और बात: ये कार केवल शहरी ड्राइवर्स के लिए नहीं है। ये छोटे शहरों और गांवों के लिए भी एक बड़ा विकल्प हो सकती है — जहां लंबी दूरी की यात्राएं आम हैं। अगर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह बढ़े, तो XEV 9S भारत के गांवों तक पहुंच सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
XEV 9S की रेंज वास्तविक है या सिर्फ दावा?
महिंद्रा ने रियल-वर्ल्ड ड्राइविंग के आधार पर 400-500 किमी की रेंज दी है, जो अन्य कंपनियों के टेस्ट साइकिल पर आधारित आंकड़ों से अलग है। इसकी बैटरी एक बड़े वाहन के लिए बहुत बड़ी है — 79kWh वेरिएंट की बैटरी भारत की अन्य कारों की तुलना में लगभग 30% बड़ी है। इसकी रेंज वास्तविक है, लेकिन गर्मी या एसी चलाने पर यह 10-15% तक कम हो सकती है।
क्या ये कार गांवों में चलेगी?
हां, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है। अगर आप एक शहर के बाहर रहते हैं, तो आपको घर पर चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा। भारत सरकार की बार-बार घोषणाओं के बावजूद, अभी तक गांवों में DC फास्ट चार्जर कम हैं। लेकिन अगर आप एक बड़े शहर से जुड़े हैं और लंबी यात्राएं करते हैं — तो ये एक बेहतरीन विकल्प है।
Pack Three के लिए क्या खास बातें हैं?
Pack Three में कुल 7 एयरबैग (कूल एयरबैग सहित), ऑटोनोमस एमरजेंसी स्टीयरिंग, एयर प्यूरिफायर, विंडस्क्रीन डिफॉगर, और रियर वायरलेस चार्जिंग शामिल हैं। दूसरी पंक्ति की सीटें वेंटिलेटेड हैं और बॉस मोड से लैस हैं — जो बुजुर्गों या बच्चों के लिए बहुत उपयोगी है। ये वेरिएंट एक परिवार के लिए बनाया गया है, जो आराम और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखता है।
क्या ये कार टाटा या हायुंदई के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर सकती है?
हां, लेकिन अलग तरह से। टाटा और हायुंदई की कारें 5-सीटर हैं और शहरी ड्राइविंग के लिए बेहतर हैं। XEV 9S उन लोगों के लिए है जो अपने बड़े परिवार के साथ लंबी यात्राएं करते हैं। ये एक नया बाजार बना रहा है — जहां अभी तक कोई नहीं था। इसलिए ये टाटा के साथ नहीं, बल्कि उनके भविष्य के 7-सीटर EV के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।
XEV 9S की बुकिंग कब शुरू होगी और कितनी जल्दी डिलीवरी मिलेगी?
बुकिंग 14 जनवरी, 2026 से शुरू होगी, और डिलीवरी 23 जनवरी, 2026 से शुरू होगी। लेकिन शुरुआती महीनों में डिलीवरी देरी हो सकती है — क्योंकि ये भारत की पहली 7-सीटर EV है। शायद पहले 3 महीनों में डिलीवरी में 2-3 महीने की लंबी प्रतीक्षा होगी।
क्या इसकी बिक्री से भारत के EV बाजार में कोई बड़ा बदलाव आएगा?
बिल्कुल। ये एक नए बाजार को खोल रहा है — जहां परिवारों को एक ही कार में स्पेस, रेंज और टेक्नोलॉजी मिले। अगर ये कार सफल होती है, तो टाटा, हायुंदई और अन्य बड़े ब्रांड जल्द ही 7-सीटर EV लॉन्च करेंगे। ये भारत के EV बाजार को एक नए दौर में ले जाएगा — जहां ये कारें अब सिर्फ शहरी युवाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए होंगी।